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पत्रकारो का बंटवारा खरी खरी

खरी-खरी
-राहुल गोस्वामी
राजस्थान में सरकार जिस तरह से दो प्रमुख पार्टियों की बारी-बारी से राज करती है उसी तरह हर सरकार में पत्रकार भी दो श्रेणी के होते हैं एक अपेक्षित पत्रकार और दूसरे उपेक्षित पत्रकार। अपेक्षित की केटगरी में शामिल पत्रकारों की कसौटी उनका दमदार बैनर होता है और उपेक्षित स्वाभाविक ही है कि उस कसौटी में खरे नहीं उतरने से उपेक्षित होते हैं। करीब 22 साल से से सक्रिय पत्रकारिता के बाद आज तक एक बात समझ में नहीं आई कि भला वरिष्ठ पत्रकार किसे कहते हैं -सफेद बाल और बरसों से पत्रकारिता करने वालों को या फिर महज कुछेक वर्षों से इस प्रोफेशन में उतरने के बाद बटरिंग से सरकार और सरकार के दमदार मंत्रियों और सूबे के सरदार से करीबी बनाने वालों को। आज पत्रकारों का एक नया कुनबा भी नजर आ रहा है-यू ट्यूब चैनल रिपोर्टर और इंफ्लूएंसर भाइयों का। अब इनमें भी दो तरह के पत्रकार हैं -एक पिछले दिनों सरकार के कामकाज का प्रचार करने के लिए अधिकृत किए गए जबरदस्त व्यूवरशिप वाले और दूसरे लिमिटेड व्यूवरशिप वाले जी-तोड़ मेहनत करने के बावजूद भी सरकारों और जिस पार्टी कि भी सत्ता होती है उसके संगठन के कार्यक्रमों में केवल इसलिए बुलाए जाने वाले चूंकि हर आम और रूटीन बैठक- कार्यक्रमों की कवरेज प्रदेश के बड़े प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया ग्रुप्स छापते या दिखाते नहीं। अब भला पार्टियों की मीडिया सेल को अपनी साख बचाने को इन इनका सहारा लेना ही पड़ता हैं। मौजूदा मीडिया जगत की एक सबसे कड़वी सच्चाई यह भी है कि बड़े -बड़े बैनर के संपादक सरकार के खिलाफ जो भड़ास अपने संस्थान प्रबंधन की कतिपय पाबंदियों के चलते अपने अखबारों और चैनल्स में नहीं निकाल पाते वो अपने फेसबुक, टि्वटर और दूसरे माध्यमों से निकालकर आत्मसंतुष्टि कर लेते हैं। वो वक्त अब नहीं रहा कि मीडिया की खबरों से सत्ताएं हिल जाएं बल्कि आज तो वो दौर है कि सत्ताधीश मीडिया ग्रुप्स और उनके मीडिया प्रतिनिधियों को हिलाने की ताकत रखते हैं। खैर वक्त -वक्त की बात है क्यूंकि समय बड़ा बलवान है।सरकार और पत्रकार दोनों के बीच कार लगता है -पर किसी भी पार्टी की सरकार को नहीं भूलना चाहिए कि जनता जनार्दन है और वो कभी भी सरकार से बे-कार हो सकती है लेकिन पत्रकार तो पत्रकार ही रहेंगे फिर भले ही वो किसी मीडिया ग्रुप से जुड़े हो या नहीं बे-कार नहीं होंगे , किसी ना किसी मंच पर अपनी भड़ास निकाल ही लेंगे।

में जीवन में एक प्रयास करता हूं कि सत्य ईमानदारी सच्चाई के साथ हर मनुष्य को साथ लेकर चलू जीवन एक संघर्ष की कहानी है जो हर इंसान के जीवन में उतार चढ़ाव आता रहता है

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