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जयपुर के SMS ट्रॉमा सेंटर आग हादसा या हत्या कौन है जिम्मेदार

जयपुर : रविवार रात्रि 11:20 मिनट पर राजधानी जयपुर के ट्रॉमा सेंटर के स्टोर में आग लग जाती हैं वहां मरीजों के परिजनों को इस बात का पता चलता है तो उन्होंने हॉस्पिटल स्टॉफ़ डॉक्टर से कहा तो डॉक्टर और स्टाफ अपनी जान बचाकर भाग निकलते है ICU वार्ड में भर्ती 11 बेड पर मरीज में से 7 मरीजों की मौत हो जाती हैं ये आंकड़े सूत्रों ने बताया हालांकि अभी तक मौत कितने लोगों की हुई है इसका पता नहीं चल पाया पर इतनी बड़ी लापरवाही राजस्थान के सबसे बड़े हॉस्पिटल में होना सरकार पर सवाल खड़े हो रहे है आखिर क्यों हॉस्पिटल में आमजन के लिए व्यवस्था नहीं थी और थी तो आग कैसे लगी क्या ये हादसा था या फिर एक षड्यंत्र रात्रि दो बजे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा हॉस्पिटल का निरक्षण करने पहुंचते है निरक्षण के बाद निकल जाते है, अब बात आती हैं कि मुख्यमंत्री को पहले हॉस्पिटल का निरक्षण करना आवश्यक था या मृतकों के परिजनों से मिलना पर राजस्थान सरकार को अपने ट्रॉमा सेंटर की चिंता थी इसीलिए परिजनों से ना मिलकर ट्रॉमा सेंटर का निरक्षण किया और निकल गए इससे साफ जाहिर होता हैं कि मुख्यमंत्री भजनलाल सरकार को किसी की मौत से कोई फर्क नही पड़ता परिजनों ने जमकर भाजपा सरकार के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए वही एक और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली व कांग्रेस के अन्य नेताओं ने पहले परिजनों से मुलाकात की उनकी सुनी और उनको विश्वास दिलाया हालांकि भजनलाल सरकार ने तुरंत एक्शन लिया और ट्रॉमा सेंटर के अधीक्षक डॉ. सुशील भाटी, ट्रोमा सेंटर के प्रभारी डॉ. अनुराग धाकड को पद से हटा दिया है, और भजनलाल सरकार ने मृतकों को 10 लाख रुपए के मुआवजे देने की घोषणा कर दी है

में जीवन में एक प्रयास करता हूं कि सत्य ईमानदारी सच्चाई के साथ हर मनुष्य को साथ लेकर चलू जीवन एक संघर्ष की कहानी है जो हर इंसान के जीवन में उतार चढ़ाव आता रहता है

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